Advertisement
Advertisement

ओशो के 10 विचार जिन्होंने ओशो को हमेशा के लिए अमर बना दिया

ओशो के 10 विचार जिन्होंने ओशो को हमेशा के लिए अमर बना दिया

ओशो जिनका दूसरा नाम रजनीश चंद्र मोहन था भारत के अध्यात्मिक गुरूओं में से एक थे। वे ध्यान, प्यार और खुशी को इंसान के जीवन का प्रमुख मूल्य मानते थे और उनका विश्वास था कि मनुष्य शांति तथा सत्य की खोज अपने अंदर विधिमान ईश्वर में ध्यान लगाकर कर सकता हैं। यहाँ हम उनके कुछ अनमोल विचारो को साझा कर रहे हैं।

1. ओशो जिनका दूसरा नाम रजनीश चंद्र मोहन था भारत के अध्यात्मिक गुरूओं में से एक थे। वे ध्यान, प्यार और खुशी को इंसान के जीवन का प्रमुख मूल्य मानते थे और उनका विश्वास था कि मनुष्य शांति तथा सत्य की खोज अपने अंदर विधिमान ईश्वर में ध्यान लगाकर कर सकता हैं। यहाँ हम उनके कुछ अनमोल विचारो को साझा कर रहे हैं।

2. आपको किसी से किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है आप स्वयं जैसे है बिल्कुल सही है। बस खुद को स्वीकार करना सिखिए। 

3. असली सवाल यह है कि भीतर तुम क्या हो? अगर भीतर गलत हो, तो तुम जो भी करोगे, उससे गलत फलित होगा। अगर तुम भीतर सही हो, तो तुम जो भी करोगे, वह सही फलित होगा।  

4. सारी शिक्षा व्यर्थ है, सारे उपदेश व्यर्थ है, अगर वे तुम्हें अपने भीतर डूबने की कला नहीं सिखाते।

5. संसार सुन्दर है क्योंकि इसे ईश्वर ने बनाया है। जो संसार को गंदा कहता है, वह ईश्वर का तिरस्कार कर रहा है।

6. तुमने पद, धन, यश, कीर्ति, प्रेम इन सबकी चेष्टाएं की, बस एक ध्यान के दीए को जलाने की चेष्टा नहीं की, वही काम आएगा। मृत्यु केवल उसी दीए को नहीं बुझा पाती। बुद्ध कहते हैं, ध्यान अमृत सूत्र है। 

7. जिंदगी को अगर हमें जिंदा बनाना है, तो बहुत सी जिंदा समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। लेकिन होनी चाहिए और अगर हमें जिंदगी को मुर्दा बनाना है, तो हो सकता है हम सारी समस्याओं को खत्म कर दे, लेकिन तब आदमी मरा-मरा जीता हैं। 

8. कोई आदमी चाहे लाखों चीजें जान ले। चाहे वह पूरे जगत को जान ले। लेकिन अगर वह स्वयं को नहीं जानता है तो वह अज्ञानी है।    

9. उस तरह मत चलिए जिस तरह डर तुम्हे चलाये, उस तरह चलिए जिस तरह प्रेम तुम्हे चलाये, उस तरह चलिए जिस तरह खुशी तुम्हे चलाये। 

10. जब आप हंस रहे होते हैं, तो ईश्वर की ईबादत कर रहे होते हैं। और जब आप किसी को हँसा रहे होते हैं, तो ईश्वर आपके लिए ईबादत कर रहा होता है।            


Comment